० सात बार नो त्योहार वाला राज्य- राजस्थान
० राजस्थान मे त्योहार की शुरुआत तीज से और अंत गणगोर से
गणगोर - चैत्र महा मे माता- पार्वती+ शिव , जयपुर की प्रसिद्ध है।
० इस त्योहार पर राख+ अंकुरित जो के 5 पिण्ड बनाकर 8 दिन पूजा और 16 दिन विसर्जन होता है
० अविवाहि लड़कीया- अच्छे वर के लिए
० विवाहित - अखण्ड पति के लिए पूजा करती हैं
० बिना ईशर की गवर - जेसल्मेर
० होली के दुसरे दिन से शुरू होकर चैत्र कृष्ण प्रतिपदा से चैत्र शुक्ल तृतीय तक चलता है
० जयपुर मे महाराणियो द्वारा गणगोर पूजन जनाना डयोढि से किया जाता है और लोग लाल रंग के वस्त्र धारण करते है
० गणगोर त्योहार पर गिन्दोली गीत गया जाता है गिन्दोली है यह अहमदाबाद के सूबेदार मेहमुद् बेग की पुत्री थी ।
० चैत्र शुक्ल पंचमी को गुलाबी गणगोर मनाई जाती है - नाथद्वारा मे
(i) धींगा गवर मेला (बेंतमार गणगौर मेला) - जोधपुर
(ii) धींगा गणगौर - मेवाड़ - वैशाख शुक्ल तृतीय
(iii) चांदमल ढड्ढा की गणगौर की सवारी एवं मेला - बीकानेर
(iv) बारहमासा गणगौर मेला - बीकानेर
(v) बिना ईसर की गणगौर की सवारी जैसलमेर
गणगोर- सर्वाधिक गीतों वाला त्योहार
राजस्थान मे तीज
A. श्रावण तीज /छोटी तीज - जयपुर की श्रावण शुक्ल तृतीय
B.कजली/ सातूडी / बड़ी तीज - बूँदी की भाद्र कृष्ण तृतीय
० यह मनोरम नवल सागर से शुरू कुंभा स्टेडियम मे समाप्त
C.हरितालिका तीज - भाद्र शुक्ल तृतीय
० तीज के एक दिन पूर्व हाथ पाँव मे मेहंदी लगाई जाती हैं
० त्योहार के आस पास मूंग, मोठ, बाजरा उगाया जाता है
० इस अवसर पर महिलाएं लेहरिया ओढ़ती है
० तीज पर सिरोही मे सम्दडीया त्योहार मनाया जाता हैं
होली
० फाल्गुन पूर्णिमा पूरे भारत मे ऋतु परिवर्तन और फसल कटाई पर मनाया जाता है
० इस मे गोबर के कंडो की माला को जलाया जाता है
० कोड़ा मार होली - भिनाय अजमेर
० लाठ मार होली - महावीर जी मंदीर करौली
० देवर भाभी की होली - अजमेर
० पत्थर मार होली - बाडमेर - इलोजी की बारात की सवारी
० उदयपुर, बांसवाड़ा, डूंगरपुर मे आदिवासि लोगो द्वारा भोगरिया होली खेली जाती हैं
० शेखावाटी मे होली पर गिनदड नृत्य किया जाता है
० होली पर दो सौ वर्ष पुराना संगोद का नाहन प्राशिध है - कोटा का
० होली पर बाप की अर्थी, बेटे की बारात, पुत्र के जन्म के दृश्य दिखाये जाते है - जयपुर मे
अक्षय तृतीय - वैशाख शुक्ल तृतीय को
० इस बीकानेर की स्थापना, और राजस्थान मे सर्वाधिक बाल विवाह होते है।
० बाजरा, गेहूँ, चावल, तिल जो इत्यादि सात अन्न होते है
० गेंहू - बजारे की खिचड़ी, गुड की लापसी
जैन धर्म के प्रमुख त्यौहार -
(I) पर्युषण पर्व (श्वेताम्बर) (1-8 तक)
(II) पर्युषण पर्व (दिगम्बर) भाद्रपद शुक्ल (1 से 10 तक)
(III) महावीर जयंती चैत्र शुक्ल त्रयोदशी
(IV) सुगंध दशमी - भाद्रपद शुक्ल दशमी
(V) दशलक्षण पर्व चैत्र, माघ, भाद्रपद की शुक्ल पंचमी में।
सिंधी समाज के प्रमुख त्यौहार-
(1) बड़ी सातम - भाद्रपद कृष्ण सप्तमी
(II) चेटीचंड मेला (झूलेलाल जन्मोत्सव) चैत्र शुक्ल द्वितीया
(III) सिंधु मेला - जयपुर (चैत्र कृष्ण षष्टी)
करवा चौथा- कार्तिक कृष्ण चतुर्थ
० बछ बारस - भाद्रपद कृष्ण द्वादशी
० अशोकाष्टमी - चैत्र शुक्ल अष्टमी
० तिल चौथ (संकट चौथ) माघ कृष्ण चतुर्थी
गणगौर - चैत्र शुक्ल तृतीया
० शीतला अष्टमी चैत्र कृष्ण अष्टमी
० हरियाली / छोटी तीज श्रावण शुक्ल तृतीया
० सातुड़ी तीज / बूढ़ी / कजली भाद्रपद कृष्ण तृतीया
० हरितालिका तीज - भाद्रपद शुक्ल तृतीया
चैत्र महीना -
(1) शीतला सप्तमी - चैत्र कृष्ण सप्तमी
(2) घुड़ला त्योहार - चैत्र कृष्ण अष्टमी
(3) पापमोचिनी एकादशी चैत्र कृष्ण एकादशी
(4) कैलादेवी मेला चैत्र कृष्ण द्वादशी से चैत्र शुक्ल अष्टमी (लक्खी मेला चैत्र शुक्ल अष्टमी)
(5) अशोकाष्टमी - चैत्र शुक्ल अष्टमी
० मारवाड मे वसंत पंचमी को तुर्रा पंचम कहा जाता है।
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